किस युग में हिन्दी की गद्य विधा को नया स्वरूप मिला?
किस युग में हिन्दी की गद्य विधा को नया स्वरूप मिला?
Detailed Solution & Logic
भारतेन्दु
भारतेन्दु युग को आधुनिक हिन्दी गद्य का प्रारंभिक एवं विकासकाल माना जाता है। इस युग में निबंध, नाटक, पत्रकारिता, उपन्यास आदि गद्य विधाओं को नया स्वरूप मिला। इसलिए भारतेन्दु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिन्दी गद्य का जनक भी कहा जाता है।
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