“निशिदिन बरसत नैन हमारे। सदा रहित पावस ऋतु हम पै, जब ते…
“निशिदिन बरसत नैन हमारे।
सदा रहित पावस ऋतु हम पै,
जब ते स्याम सिधारे।”
उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा रस व्यक्त हुआ है?
Detailed Solution & Logic
वियोग श्रृंगार
इन पंक्तियों में श्रीकृष्ण (श्याम) के वियोग में नायिका के निरंतर आँसू बहने और विरह-पीड़ा का वर्णन है। इसलिए यहाँ **विप्रलंभ (वियोग) श्रृंगार रस** है।
व्याख्या:
- "श्याम के जाने के बाद"
- "निशिदिन नयन बरसना"
- "विरह की पीड़ा"
ये सभी **वियोग श्रृंगार रस** के लक्षण हैं।
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