अनुच्छेद पढ़कर, प्रश्नों के उत्तर दो —रेडियोकार्बन का सर्वाधिक लाभ किन क्षेत्रों में हुआ है?
अनुच्छेद पढ़कर, दिए गए सवालों के सही जवाब चुनिए—
रेडियोकार्बन की खोज के लिए विलर एफ़. लिब्बी को 1960 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था। रेडियोकार्बन का उपयोग वनस्पति विज्ञान में ट्रेसर की तरह भी होता है, लेकिन इसका सर्वाधिक लाभ उन क्षेत्रों में हुआ, जहाँ समय-मापन महत्वपूर्ण है। जैसे झील या सागर की तलहटी में मिट्टी की परत जमा होने का समय पता लगाना। यही नहीं, पुरातत्ववेत्ता प्राचीन सभ्यताओं एवं संस्कृतियों का काल निर्धारण करना चाहते हैं। समय के उल्लेख के बिना ऐतिहासिक घटनाओं को सही क्रम में नहीं रखा जा सकता। कुछ उदाहरण इस विधि के उपयोग को समझने में सहायक होंगे। आज भी बहुत लोगों की धारणा है कि भारत में 16 वीं शताब्दी में पुर्तगाली लोगों के प्रवेश से पूर्व यहाँ शरीफा (एनोना स्ववैमोसा एल) पैदा नहीं होता था। शरीफा उष्ण कटिबंधीय अमेरिका तथा वेस्ट इंडीज़ में मिलने वाला फल हैं। इसकी कुछ प्रजातियाँ अफ्रीका में भी पाई जाती हैं। एक भारतीय पुरावनस्पतिविज्ञानी ने 4 दशाब्दी से पुर्व ही मध्य प्रदेश के सतना जिले के भरहुत में स्तूपों में शरीफे के बना होने का उल्लेख किया था । यह संरचना ईसा से लगभग एक शताब्दी से अधिक पुरानी है।
प्रश्न: रेडियोकार्बन का सर्वाधिक लाभ किन क्षेत्रों में हुआ है?