किस युग में हिन्दी की गद्य विधा को नया स्वरूप मिला?
किस युग में हिन्दी की गद्य विधा को नया स्वरूप मिला?
Detailed Solution & Logic
Correct Answer:
भारतेन्दु
भारतेन्दु युग को आधुनिक हिन्दी गद्य का प्रारंभिक एवं विकासकाल माना जाता है। इस युग में निबंध, नाटक, पत्रकारिता, उपन्यास आदि गद्य विधाओं को नया स्वरूप मिला। इसलिए भारतेन्दु हरिश्चंद्र को आधुनिक हिन्दी गद्य का जनक भी कहा जाता है।
Similar Practice Questions
वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य की पहचान कीजिए।
वर्तनी की दृष्टि से अशुद्ध वाक्य की पहचान कीजिए।
उस विकल्प का चयन करें जिसमें निम्न मुहावरे का सर्वाधिक उपयुक्त अर्थ दिया गया है।
उस विकल्प का चयन करें जिसमें निम्न मुहावरे का सर्वाधिक उपयुक्त अर्थ दिया गया है।...
दो विपरीतार्थक शब्दों के बीच किस चिन्ह का प्रयोग होता है?
दो विपरीतार्थक शब्दों के बीच किस चिन्ह का प्रयोग होता है?
छक्के छुड़ाना मुहावरे का अर्थ क्या है?
छक्के छुड़ाना मुहावरे का अर्थ क्या है?
वह बात जिसे सुना नहीं गया हो सार्थक शब्द क्या होगा।
निम्नलिखित वाक्यांश के लिए उपयुक्त सार्थक शब्द का चयन विकल्पों में से कीजिए। वह बात...
निम्नलिखित में कौन – सा शब्द ‘देशज’ हैं?
निम्नलिखित में कौन – सा शब्द ‘देशज’ हैं?
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
यह संतोष और गर्व की बात है कि देश वैज्ञानिक और (1)_________ क्षेत्र में आशातीत...