शान्त रस का स्थायी भाव है
शान्त रस का स्थायी भाव है
Detailed Solution & Logic
Correct Answer:
निर्वेद
Explanation (व्याख्या)
शान्त रस का स्थायी भाव निर्वेद होता है।
- निर्वेद का अर्थ है → वैराग्य, संसार से विरक्ति, मोह का अभाव
- जब मनुष्य संसार के सुख-दुःख से ऊपर उठ जाता है, तब शान्त रस की अनुभूति होती है
📚 अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
- श्रृंगार → यह स्वयं एक रस है ❌
- ग्लानि → यह स्थायी भाव नहीं, एक मनोभाव है ❌
- रति → यह श्रृंगार रस का स्थायी भाव है ❌
✨ Extra Facts (अतिरिक्त जानकारी)
- नवरस (9 रस) में प्रत्येक का एक स्थायी भाव होता है:
- श्रृंगार → रति
- वीर → उत्साह
- करुण → शोक
- शान्त → निर्वेद
- शान्त रस को सबसे उच्च (श्रेष्ठ) रस माना जाता है क्योंकि यह आध्यात्मिक शांति से जुड़ा होता है
👉 निष्कर्ष:
शान्त रस का स्थायी भाव ‘निर्वेद’ है। ✅
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